The Looming Tower,फरवरी 2018 में प्रदर्शित हुयी 10 एपिसोड की धारावाहिक। कहानी थोड़ी काल्पनिकता के साथ 9/11 हमले की सच्ची घटना पर आधारित है। “यह हमला रोका जा सकता था?” देखते समय आपके दिमाग में आने वाला पहला प्रश्न।
सच्ची घटनाओं पर आधारित धारावाहिक,आप को सोचने पे मजबूर करेंगी की “US में मानवता पर हुआ सबसे बड़ा आतंकी हमला, शायद टाला जा सकता था, अगर CIA ने सही समय पर कार्रवाई की होती या समय पर FBI को मदद की होती या जानकारी दी होती”। लेकिन आपसी मतभेद या स्वार्थ की वजहसे (शायद व्यक्तिगत स्वार्थ) वे एक-दूसरे से लड़ते और जानकारी छिपाते है। परिणामस्वरूप 9/11 जैसा हमला होता है।
विश्व राजनीति को नियंत्रित करने के लिए नज़रअंदाजी की कुछ घटनाओं को भी इसमें दिखाया गया है। जैसे कि खाड़ी के देशों को नियंत्रित करने के लिए सऊदी राजपरिवार को दियी जाने वाली सहूलियत।
नए राष्ट्रपति ने पद की शपथ लेते ही, अधिकारियों, सल्लागारो को भी प्रक्रिया या फिर आदेश के नुसार बदल दिया जाता है। यह निर्णय लेने की प्रक्रिया को प्रभावित कर संथ करता है और कुछ चीजों को नजरअंदाज भी किया जाता है। US सरकार (शायद नवनिर्वाचित) ने सूत्रों या सुरक्षा एजेंसियों से Al-Q के बारे में दी गयी चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया। इसका परिणाम इस बड़े हमले के रूप में हुआ। धारावाहिक देखते वक़्त आपको लगेगा कि हमला नजरअंदाजी का परिणाम था।
शायद उन्होंने इस हमले को रोक लिया होता,लेकिन इसके बाद आतंकवादियों ने एक और बड़े हमले की योजना बनाई होती । क्यूंकि विध्वंसक प्रवृत्ति तथा मानवता का नाश ही आतंकवाद का सोच और मूलाधार है। ऐसे हमलों को रोकने के लिए सुरक्षा संस्थाओ को हर समय सतर्क, योजनाबद्ध और तत्पर रहने की आवश्यकता होती है, लेकिन सुरक्षा संस्थाओ के प्रयासों पर पानी फेरने के लिए आतंकवादियों केवल एक ही अवसर की आवश्यकता होती है।
धारावाहिक में (विशेषकर अंतिम भाग में) दिखाई गई कहानी और घटनाएं चौंकाने वाली हैं। कैसे धर्म के नाम पर लोगों का ब्रेनवॉश किया जाता है, सोचने, समझने और विस्तार से जानने का मौका दिए बिना कैसे उनसे काम निकलवाया जाता है। संक्षिप्त में उन्हें अंधा और नासमझ बनाते हैं। यह सब दिखाया गया है।
जॉन ओ’नील (जेफ डेनियल), अली सूफान (ताहर रहीम), मार्टिन श्मिट (पीटर सरसागार्ड) और डायने मार्श (व्रेन श्मिट) मुख्य भूमिकाओं में शानदार हैं। साथ ही सहायक कलाकारों भी मजबूत अभिनय किया है ।
चित्रांकन और स्थान कहानी के अनुसार हैं। जांच के वक़्त दिखाए गए दृश्य वास्तविक और नयी जानकारी देने वाले हैं। अल-क्यू को रोकने के लिए सौफान और ओ’नील द्वारा किये गए प्रयास सराहनीय हैं।
आतंकवादियों को गिरफ्तार कर, उन पर मुकदमा चलाकर उन्हें दोषी ठहराना और, सजा देना और उन्हें वॉर हीरो बनने से रोकना यह जॉन ओ’नील और अली सूफान की सोच है । जबकि श्मिट केवल सैन्य कार्रवाई के बारे में सोचते हैं।
यह 9/11 आतंकी हमले की योजना और संबंधित साजिश, हमले से पहले अमेरिकी सुरक्षा संस्थाओ की स्थिति और कुछ रोमांचक तथा चौंकाने वाले रहस्योद्घाटन के लिए यह धारावाहिक देखना जरुरी है। यह सिद्धांतों, शक्ति, सोच के शीत युद्ध की उत्कृष्ट कलाकृति है।
