
मार्शल गोल्डस्मिथ, एक उत्तम जीवन प्रशिक्षक और उतने ही अच्छे शिक्षक, जो मुख्य रूप से प्रबंधन टीम, प्रबंधन टीम के उच्च पदस्थ लोग, भविष्य के नेता, वर्तमान के नेताओं के नेतृत्व विकास कार्यक्रम के प्रबंधक/प्रशिक्षक के रूप में काम करते है, उन द्वारा लिखित ये किताब। किताब में उनके कुछ पक्षकारो की सफलता, विफलता और अधूरे कार्यक्रम छोडने के मिसालो के साथ-साथ उनके संबंधित कहानिया, तकनीक, प्रेरणा, प्रयास, अपेक्षित परिवर्तन, विकास,लक्ष्य आदि का उल्लेखभी किया गया है।
व्यक्तीका व्यवहार, आचरण या दृष्टिकोण मुख्य रूप से दो बातो से प्रभावित होते हैं: Environment (आस-पास के लोग, परिस्थिति, वातावरण आदि) और Trigger (भावना जो प्रतिक्रिया / कार्य करने के लिए प्रेरित करती हैं)। विभिन्न स्थितियों में व्यक्तीका आचरण,संवाद, प्रतिक्रिया मे बदलाव समझाने के लिए विभिन्न संदर्भोंमे इन दो संज्ञाओ का उपयोग किताब मे बार बार किया गया है ।Environment मुख्य चीज है जो किसी विशेष स्थिति में व्यक्ती के व्यवहार/संवाद/प्रतिक्रिया को नियंत्रित करती है। एक ही व्यक्ती विभिन्न Environment में एक ही परिस्थिति मे अलग-अलग प्रतिक्रिया/संवाद करते हैं।Trigger व्यक्ति को(अच्छे या बुरे) कार्य/प्रतिक्रिया करने के लिए प्रेरित करता है। Trigger प्रेरणा या प्रभाव की भूमिका निभाता है जो व्यक्ति से कार्य करवाता है या कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।
किताब का मुख्य लक्ष्य व्यक्ति के व्यवहार, व्यवहार में सुधार के साथ उसके प्रगति, विकासपर है। ताकि व्यक्ति स्थिर और प्रगतिशील व्यावसायिक तथा व्यक्तिगत जीवन जी सके। किताब में बताये गये उपाय/ तकनीक लोगों को अपने व्यावसायिक जीवन को विकसित, गतीमान, अग्रिम करने या व्यक्तिगत जीवन में संतुलन बनाने में मदद करेंगे या मार्गदर्शन करेंगे। किताब में कुछ उपयुक्त, रोचक, आकर्षक और प्रासंगिक उदाहरणों का भी उल्लेख है।
किताब का मुख्य विषय है भविष्य या वर्तमान नेताओं / मार्गदर्शकों / अग्रदूतों (विशेष रूप से कंपनी या संगठन के) का विकास, सुधार या विशिष्ट पद के लिये जरूरी कमियों को दुर कर उनको उस पद के सक्षम बनाना है (लेकिन कोई भी व्यक्ती खुद की व्यावसायिक और व्यक्तिगत उन्नति के लिए किताब में उल्लिखित तकनीकों का उपयोग कर सकता है)। मार्गदर्शक /नेताओं को कैसे शांत और संयमित रहना चाहिए; खुदको कैसे नियंत्रित रखना चाहिए; आजुबाजु कि परिस्थिती,लोगो अनुसार व्यवहार या आचरण कैसे करना चाहिए;बातचीत; संवाद; स्वयः-विकास और इसी तरह कि कई तकनीकें किताब बतायी गयी है।
एक और महत्वपूर्ण बात यह भी है कि किताब में उल्लिखित उपाय/ तरीके / तकनीक को बिना अधिक प्रयास और बदलाव के आसानी से स्वयःपर लागू कर सकते है। दिए गए उदाहरण समझने में आसान, पूरक और सरल हैं। किताब में अपने आपसे तथा दूसरों से पूछने के सवालो के तरिके और प्रकार; अधिक नियोजित तरीके से काम कैसे करें और इसके लाभ; अपने आपसे बेहतर कैसे प्राप्त करें; बातचीत के सरल तरिके,व्यवहार और इसी तरह के अन्य मुद्दे शामिल हैं। जो व्यक्ति के लिए मार्गदर्शक, मददगार, फायदेमंद हो सकते है।
किताब में उल्लिखित सभी उपायों या तंत्रों को स्वयः पर लागू करना मुश्किल है। लेकिन कम से कम एक तकनीक को अपनाकर, व्यवहार को बदलने की कोशिश कर सकते है और इससे निश्चित रूप से लाभ होगा (स्वःअनुभव से)।
व्यक्तिगत तथा व्यावसायिक उन्नति,प्रगती, आत्म-विकास, व्यावसायिक और पारिवारिक जीवन मे वृद्धी, संबंधो मे संतुलन इ. मे मदद और मार्गदर्शन हेतु इस किताब को अवश्य पढ़ें (विभिन्न कंपनियों द्वारा कर्मचारीयोको दिये जानेवाले ४-५ अलग-अलग व्यावसायिक प्रशिक्षण इस किताब में शामिल हैं)।इस किताबसे व्यक्ती उसे जरुरी, सही, पूरक, योग्य सोच अपना सकता है।अगर इस किताब को व्यक्ती सकारात्मक सोच के साथ हाथ मे लेगा तो निश्चित रूपसे प्रगति करने में मददगार साबित होगी।
इस किताब को पढ़ने से पहले ध्यान रखने वाली महत्वपूर्ण बात, इससे व्यक्ती को अपने विचारों को विकसित करने, अपने व्यवहार को बदलने, रिश्तों मे संतुलन बनाने, व्यावसायिक तथा व्यक्तिगत प्रगती के तंत्र और इसी तरह अन्य स्व विकास के मार्ग पता चलेगे। यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि उसके बॉस, पर्यवेक्षक, सहकर्मी, सहचारी, अधीनस्थ, साथी, पत्नी, रिश्तेदार या किसी और को इसे पढ़कर बदलने की जरूरत है और स्वयः को नही, तो इस किताब को हाथ में लेकर अपना समय बर्बाद न करे।