
रसभरी,३० मिनट की औसत लंबाईवाले ८ भागोकी हिंदी वेब सिरीज जून २०२० में अमेझान प्राइम पर प्रदर्शित हुयी है। रहस्य-रोमांस-प्रेम-नाटक शैली पर आधारित कहानी के साथ दर्शकों का मनोरंजन का किया गया एक असफल प्रयास।
मुख्य कहानी दो किरदारों के इर्द-गिर्द घूमती है। पहला स्वरा भास्कर द्वारा निभाई गई दोहरी भूमिका शिक्षिका शानू बंसल और वेश्या रसभरी का किरदार है । इन दोनों भूमिकाओं में अभिनय बहुत सामान्य है। उनकी पिछली भूमिकाओं के साथ बिल्कुलही तुलनात्मक नहीं है। दूसरा किरदार नंद किशोर त्यागी भूमिकामे आयुष्मान सक्सेना, जो शानू का छात्र है। रसभरी के बारे में खबर सुनकर, वह शानू को प्रभावित करने की कोशिश करता है ताकि वो रसभरी के साथ प्रेम संबंध बना सके।इन दो किरदारों के साथ रश्मि आगडेकर (प्रियंका – नंद की प्रेमिका); प्रद्युम्न सिंह (नवीन – शानू का पति) और नीलू कोहली (पुष्पा – नंद की माँ) की भी मुख्य भूमिकाएँ हैं।इसके अलावा नंद के दो दोस्त, नंद के पिता, पप्पू केबलवाला, पुष्पा की ५-६ दोस्त, प्रियंका की दो दोस्त, शानू और नवीन के माता-पिता, पानवाला इन छोटी छोटी भूमिकाओं में अलग-अलग कलाकार हैं। स्वरा को छोड़कर बाकी सभी ने अच्छा अभिनय किया है। शीर्षक भूमिका की वजहसे स्वरासे बहुत उम्मीदें रहेती हैं, शायद इसलिये भ्रमनिरास होता है। इसमें शानूका बात करने का सूर अजीब है और परेशान करता है। पुष्पा और उसके दोस्त का पात्र विनोदी है और बीच-बीच में हंसाते रहते है।
मेरठ में नौकरी के लिए आयी शानू भूत-प्रेत की शिकार या कई व्यक्तित्व विकारों से ग्रस्त (इसे क्या समझना है वह हमारे ऊपर है)। बीच बीच में शानू अचानक रसभरी में परिवर्तित होती है और विभिन्न पुरुषों के साथ प्रणय करती है।यह अफवाह / सच्ची खबर पूरे शहर में जंगल की आग की तरह फैलती हैं। शहर के पुरुष उसके पीछे पागल हो जाते हैं।नंद रसभरी के साथ प्रणय करने का फैसला करता है और ऐसा मौका पाने के लिए वह शानू के घर अंग्रेजी सिखने जाना शुरू करता हैं। शानू के पति को शानू के बिमारी/स्थिती के बारे में पहले से ही पता रहता है और वो नंद को अपने और शानू के अतीत के बारे में सबकुछ विस्तृतसे बताता है। इसके बाद, नंद सच्चाई का पता लगाने की कोशिश करता है।इस बीच, शानू नंदको अंग्रेजी के साथ-साथ शिष्टाचार और सम्मान करना भी सिखाती है। इस वजहसे जब मौका आता है, शानू के सम्मान और प्रियंका के प्यार के वजहसे, वह रसभरी के साथ कुछ नहीं कर पाता या नही करता हैं। नंद, पुष्पा और शहर की अन्य महिलाओं द्वारा शानू को मार-मार कर शहरसे बाहर निकालने की साजिश से शानूको बचाता हैं साथही उसे और उसके पती को सुरक्षित शहर से बाहर भेज देता हैं ।शानू/रसभरी के बारे में जो सवाल दिमाग में आते हैं उनके जवाब मिलते हैं, लेकिन वे जवाब अधिक ज्यादा भ्रमित कर उलझन में डालते हैं।अंत मीठे छोटे आश्चर्य और कुछ अनुत्तरित मुद्दों के साथ किया गया है। जो अगले सीज़न के लिए सजाया गया मंच हो सकता है।
निर्देशक और निर्माता ने प्रणय और विवाद (विभिन्न कारणों से चर्चा में रहनेवाले व्यक्ति को मुख्य भूमिका देकर) के माध्यम से प्रसिद्धि और दर्शक हासिल करने की कोशिश की है। लेकिन पुरी तरहसे विफल हो गये। कुछ दृश्य कहानी के साथ अप्रासंगिक, असंबंध लगते हैं।
उत्पाद प्रक्षपित करने का तारीख निकट है और उत्पाद तैयार नहीं है। फिरभी निर्धारित तिथि से पहले उत्पाद प्रक्षपित करके प्रबंधन टीम (अमेझान) को खुश किया जाता है।कोई फर्क नहीं पड़ता कि उत्पाद (रसभरी) में कितनी समस्याएं या दोष हैं और उपभोक्ता इससे कितने परेशान होगे। यह श्रृंखला इसका जीता जागता उदाहरण है।
आपके पास बहुत समय है और कुछ भी करने (यहां तक कि नींद) या देखने के लिए नहीं। केवल तभी स्वयं के जोखिम पर देखने की हिम्मत कर सकते हैं।