भौकाल – Hindi web series review (Hindi)

भौकाल, मार्च २०२० में एमएक्स प्लेयर पर प्रदर्शित हुयी एक हिंदी वेब सीरीज़ जिसकी की कहानी सच्ची घटनाओं पर आधारित है। औसत २७-४३ मिनट लंबाईवाले १० भागो की ये सीरीज जिसकी कहानी पुलिस-अपराध-रोमांचक-नाटकीय शैली की है।

मुख्य पात्र नवनीत / नवीन सिकेरा (मोहित राणा)। मुजफ्फरनगर, देश की अपराधिक राजधानी को आम आदमी के लिए सुरक्षित, रहने लायक,अपराध-मुक्त जगह बनाने के लिए और लोगोका पुलिस और संस्था पर फिरसे विश्वास बनाने की इच्छा से कार्यभार संभालने वाला पदोन्नत किया गया एक ईमानदार एसएसपी। एक आज्ञाकारी बेटा, जिसने उनकीही जमीन के लिए पुलिस द्वारा पिता का किया गया उत्पीड़न देखने के बाद पुलिस प्रणाली में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आयआयटी और आयएएस छोड़ आयपीएस किया।

अन्य मुख्य पात्र लेकिन नकारात्मक भूमिका में, शौक़ीन (अभिमन्यु सिंह), विधुर पिता जिसका बेटा नेपाल में पढ़ रहा है। मुजफ्फरनगर की मुस्लिम बस्ती हुसैनपुर का स्वयंघोषित राजा। क्रूर, हिंसक और निडर गुंडा, जो पुलिस को मारने से भी डरता या सोचता नहीं हैं तो आम लोगों की कुछ बात ही नहीं। उनकी अनुमति के बिना कोई भी हुसैनपुर में प्रवेश नहीं कर सकता है। अपहरण, फिरौती, हत्या उसका मुख्य व्यवसाय है।

अन्य प्रमुख सहायक पात्र हैं, चिंटू और पिंटू डेडा (सिद्धांत कपूर और प्रदीप नागर) डेडा गिरोह के नेता जो शौक़ीन गिरोह के प्रतिद्वंद्वी हैं और आधे मुजफ्फरनगर के अवैध और अपराधिक गतिविधियों के लिए जिम्मेदार हैं। नाजनीन (बिदिता बेग) शौक़ीन की प्रेमिका और एकाउंटेंट, जो उसकी अनुपस्थिति में धंदा चलाती है। फारूक कुरैशी (सनी हिंदुजा) शौक़ीन का एक बहुत ही वफादार आदमी जो व्यक्तिगत रूप से शौक़ीन के बहुत करीब है और जिसके भाईको डेडा भाइयों ने मार डाला है। पूजा सिकेरा (रश्मि राजपूत) नवीन की पत्नी। नेहा (गुलकी जोशी) मुजफ्फरनगर अपराध के बारे में लिखनेवाली पत्रकार जो नवीन की दोस्त बनती है और उसकी मदद करने की कोशिश करती है। बलराम यादव (फ़िरोज़ खुर्शीद खान) एसएसपी के सहायक और उनके विशेष दस्ते का हिस्सा।  इफत्कार / सलीम (रवि पांडे) पुलिस बल में एसएसपी का वफादार, जो गुप्त रूप से भेस बदलकर शौक़ीन के गिरोह में शामिल हो जाता है और जो अंततः शौकीन को उठाकर लाता है। विनोद शर्मा (अमित के सिंह) ऑनलाइन कॉल रिकॉर्डिंग और ट्रैकिंग का काम करनेवाला इलेक्ट्रॉनिक्सतज्ञ निरीक्षक जो पुलिस बलमें एसएसपी के विश्वासु। करीम (संयम श्रीवास्तव) शौक़ीन का आदमी। राजेश यादव (उपेन चौहान) एसएसपी का वफादार ड्राइवर, जो व्यक्तिगत रूप से एसएसपी के परिवार के करीब है और जल्द ही शादी करने की योजना बना रहा है। मोरा कुमार (अभिषेक सिंह इर)। दयानंद सिकेरा (शहाब खान) नवीन के पिता और सल्लागार। भाटी, एमपी आदि कुछ अन्य किरदार भी कुछ महत्वपूर्ण भूमिका में हैं।

कहानी शुरू होती है फारूक का भाई अब्बास दारू के नशेमे डेडा भाईयो के करीबी व्यक्ति को जान से मार देता है और वहासे भाग जाता है। यह सब देखकर, दो बूढ़े लोग भविष्य की घटनाओं और खून-खराबे की चर्चा कर रहे हैं। शौक़ीन, फारूक और अन्य लोगों के साथ हत्या हुयी उस जगह पर आता है।

एक अन्य शहर में नवीन सिकेरा, अपने प्रयास, साहस और चलाखीसे स्थानीय पुलिस स्टेशन की तोड़फोड़ करनेवाली और जलानेवाली भीड़ को तितर-बितर करके पुलिस स्टेशन और पुलिस को बचाता है। उनकी बहादुरी के बाद, उन्हें मुजफ्फरनगर के एसएसपी के रूप में पदोन्नत किया जाता है।

मुजफ्फरनगर पर अवैध और अपराधिक रूप से डेडा और शौक़ीन गिरोह राज करते हैं। उनके आतंक और हिंसा के कारण, शहर पूरी तरह से खतरे में, भयभीत माहौल में और अपराध के अंधेरे में है। शौक़ीन मुस्लिम बाहुल्य वाले हुसैनपुरका स्वयंभू राजा है और उसे स्थानीय सांसद का समर्थनभी प्राप्त है।

शहरके अंडरवर्ल्ड के रहस्यों को जानने के लिए, सिकेरा पोस्टिंग से दो दिन पहलेही और विशेष रूप से रात में ही मुजफ्फरनगर आता है। पद ग्रहण करने से पहलेही, सिकेरा को अब्बास की हत्या के लिए पास के एक गाँव में डेडा बंधुओं द्वारा किये गए नरसंहार और हिंसा की खबर मिलती है।

जैसे ही वह एसएसपी का पदभार संभालता है, उसके सामने पहलाही मामला शौक़ीन गिरोह द्वारा किये गए अपहरण का आता है। सिकेरा पूछताछ के लिए हुसैनपुर जाता है। इस बातसे शौक़ीन को बहुत ग़ुस्सा आता हैं, क्योंकि इससे पहले कोई भी पुलिस अधिकारी हुसैनपुर नहीं गया था या हिम्मतभी नहीं कर पाया था।चेतावनी संदेश, खतरा और धमकी के रूप में, शौक़ीन अपहृत व्यक्ति को मारकर उसका सिर सिकेरा को भेजता है। इसके बाद, सिकेरा और शौक़ीन के बीच सीधा संघर्ष और जुंग शुरू हो जाती है।

सिकेरा शौक़ीन की शक्ति, दरारा और लोगों के मन से उसका भय कम करने के साथ साथ ही डेडा बंधुओ के करीबी लोगोंको मारकर उनकीभी शक्ति,दरारा और भय कम करने का काम चालू रखता है। किसी भ्रष्ट पुलिस अधिकारी द्वारा पिंटू को दी गई जानकारी के कारण पिंटू को पकड़ने का हाथ आया अवसर सिकेरा खो देता है।हालांकि, उसके बाद सिकेरा सावधानी से काम करना शुरू कर देता है।

सच्ची घटनाओं पर आधारित कहानी मुख्य रूप से सिकेरा और शौक़ीन के संघर्ष और उतार-चढ़ाव के इर्दगिर्द घूमती है। डेडा बंधुओं को सहायक भूमिका में ही दिखाया गया है। सिकेरा और उनके ईमानदार और वफादार लोगो से बने विशेष पुलिस दस्ते ने तकनीक का पूरा इस्तेमाल करते हुए मुठभेड़ों में शौक़ीन और डेडाभाइयोंके कई लोगों को मार डाला, जिनमें कुछ उनके करीबी भी शामिल थे। इन दो गिरोहों के खिलाफ लड़ते हुए, सिकेरा भी अपने कुछ वफादार और करीबी सहयोगियों को खो देता है।

सिकेरा और उनकी विशेष टीम फारूक को गिरफ्तार करती है। जब शौक़ीन पुलिसवालो को मारकर फारूक को भगाने की कोशिश करता है तो फारूक पुलिस के हाथो मारा जाता है। फारूक की मृत्यु के बाद, शौक़ीन बहुत क्रोधित हो जाता है और आवारा हाथी बन जाता है। वह सिकेरा को मारने की कसम खाता है और आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हो जाता है। इसके बाद कहानी बहुत ही रोमांचक और दिलचस्प हो जाती है। इसके आगे क्या और कैसे होता है यह सकारात्मकरूप में ख़त्म हुयी इस वेब श्रृंखला में देखनाही बेहतर है।

श्रृंखला की कहानी नए चमकदार आवरण में पुराने सामान जैसी है, इसलिए कुछ नये रहस्य की उम्मीद करना गलत है। कुल मिलाकर श्रृंखला बेचो, माचो जैसे शब्दों से भरे संवादो के साथ थोड़ी हिंसक कथावाली दिलचस्प, रोमांचक और रोंगटे खड़े करनेवाली हैं। शौक़ीन ने बेहतरीन अभिनय किया है और एसएसपीने उनका अच्छा साथ निभाया है। लेकिन अंतिम भाग में एसएसपी के अभिनय ने शौक़ीनको पूरी तरह से निगल लिया है। डेडा बंधुओं को छोड़कर, अन्य लोगों ने भी अच्छा काम किया है। डेडाबंधु गुंडे से ज्यादा कॉमेडियन ही लगते है।

हमेशा की तरह, तथ्यों को मसालेदार बनाया गया हैं। कुछ दृश्यों का फिल्मांकन और संवाद सीधा और स्वाभाविक नहीं लगता। लेकिन रोमांचक, दिलचस्प और रोगंटे खड़े करनेवाले अंतिम भाग के लिए, शौक़ीन-सिकेराकी अभिनय जुगलबंदी के लिए, और अंत में दिखाए गए थोडे रहस्योद्घाटन की वजहसे अगले सीज़न की प्रतीक्षा के साथ आप पूरी श्रृंखला एक बार देख सकते हैं या फिर टाल भी सकते हैं।

Published by Chetan Nikam

Father of Cute, Sweet, Lovely Daughter who makes me to forgot all my worries, trouble and tension by single word "BABA". Engineer by profession

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