तांडव – हिंदी वेब श्रृंखला समीक्षा

tandav

तांडव, १५ जनवरी २०२१ को अमेजन प्राइम पर रिलीज़ हुई वेब श्रृंखला, जिसमें ३५ से ६० मिनट की औसत लंबाई के नौ एपिसोड हैं। कहानी रोमांचक राजनीतिक खेल पर आधारित है।

मुख्य किरदार समर प्रताप सिंह (सैफ अली खान), तीन बार के प्रधान मंत्री देवकी नंदन के बेटे, पीएम बननेके ख्वाबवाले एक युवा नेता, जो राजा नहीं तो कम से कम किंगमेकर बनना चाहता हैं। अनुराधा किशोर (डिंपल कपाड़िया) जेएलडी पार्टी के वरिष्ठ नेता, देवकी नंदन की एक करीबी दोस्त और प्रेयसी , १८ साल पहले उसने देवकी नंदन को दिल्ली से अपने गांव वापस जाने से रोका था। गुरपाल चौहान (सुनील ग्रोवर) पहले देवकी नंदन और फिर समर प्रताप सिंह का सबसे भरोसेमंद आदमी , जो उनके सभी अवैध काम, पुलिस, आदि को संभालने का काम करता है, यहां तक ​​कि उनके लिए लोगों को मारताभी है। गोपाल दास मुंशी (कुमुद मिश्रा) देवकी नंदन के दोस्त और पार्टी अध्यक्ष, पीएम आकांक्षी। देवकी नंदन सिंह (तिग्मांशु धूलिया) ३ बार से पीएम, मजबूत और कद्दावर पार्टी नेता, समर प्रताप सिंह और रघु किशोर सिंह के पिता हैं, वे समर के स्वभाव से डरते हैं। शिवा शेखर (मोहम्मद जीशान अय्यूब) VNU छात्र नेता, वामपंथी कार्यकर्ता, विरोध प्रदर्शन में किसान नेता, विश्वविद्यालय चुनाव के लिए SAI के प्रत्याशी जो बाद में खुद की पार्टी बनाता है। विशाल अवस्थी (पर्व कैला) युवा VNU छात्र नेता, SAI का चुनाव प्रत्याशी, जो SAI के साथ धोखा करता है और गुरपाल की मदद करता है। कैलाश कुमार (अनूप सोनी) पार्टी में निचली जाति के प्रतिनिधि, गोपाल दास के करीबी व्यक्ति, संध्या से प्यार करने वाला, अनुराधा उसे आश्चर्यचकित कर गृह मंत्री बनाती है जब की वह एचआरडी मंत्री पद की उम्मीद कर रहा था। आयशा प्रताप सिंह (सारा जेन डायस) समर की पत्नी और पार्टी नेता, समर को देवकी नंदन को मारने में मदद करती है। रघु किशोर सिंह (परेश पाहुजा) अनुराधा किशोर के बेटे और समर प्रताप सिंह के भाई, ड्रग एडिक्ट, रक्षा मंत्री बनने के आकांक्षी। सना मीर (कृतिका कामरा) VNU छात्र नेता और चुनाव प्रत्याशी , शिवा और जिगर की प्रेमिका, जो शिवा और चेतन को फंसाने के लिए समर की मदत करती है। मैथिली शरण (गौहर खान) अनुराधा की सचिव और सलाहकार, उनकी विश्वसनीय व्यक्ति,उनके सभी काम संभालती हैं। ऋचा अवस्थी (कृतिका अवस्थी) VNU छात्रा और सना की दोस्त। दिशा कपूर (तस्नीम खान)। प्रोफेसर जिगर संपत (डीनो मोरिया) वीएनयू के प्रोफेसर और समर का दोस्त, उसका सना के साथ प्रेमसंबंध है, शिवा को फंसाने और VNU चुनाव को प्रभावित करने में समर की मदद करता है। प्रोफेसर संध्या निगम (संध्या मृदुल) अलग हुयी जिगर की पत्नी, VNU की डीन उम्मीदवार, “मंत्री कैलाश ने उन्हें डीन बनने में मदद की” इस अफवाह के वजहसे परेशान है, अब मंत्री कैलाश के साथ रहती है और गर्भवती हो जाती है।अदिति मिश्रा (शोनाली नागरानी) एक ३४ वर्षीय युवा सांसद और पूर्व वायु सेना की पायलट, रक्षा मंत्री बनने की आकांक्षी और समर की प्रेमिका । अदा मीर (अमायरा दस्तूर) सना की बहन, एक पुलिस अधिकारी उसे ब्लैकमेल करता है क्योंकि उसका प्रेमी बाथरूम में खुद को गोली मार खुदखुशी करता है और उस समय अदा वहां थी। अजय अहलूवालिया (हितेन तेजवानी) समाचार चैनल के प्रमुख जो समर को देवकी नंदन की हत्या को एक प्राकृतिक दिखाने में मदद करता हैं।

वेब श्रृंखला के कथा के दो अलग-अलग ट्रैक हैं जो समांतर चलते हैं और एक-दूसरे से ज्यादा संबंधित नहीं हैं।

पहला ट्रैक पीएम बनने के लिए चलने वाले खेल का है। चुनाव परिणामों से २ दिन पहले, एग्जिट पोल देवकी नंदन की पार्टी की चौथी बार भी भारी जीत दिखाते हैं और तय बताते है की वो फिर से प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। लेकिन इस बार समर पीएम बनना चाहता है और इसके लिए उसने चुनाव में कड़ी मेहनत भी की है। वास्तविकता जानने के बाद, समर देवकी नंदन को शराब में जहर देकर उसकी हत्या कर देता है और अलीशा, अजय, दिव्या और डॉक्टर के मदद से इस हत्या को दिल के दौरे से हुयी एक प्राकृतिक मौत के रूप में चित्रित करते हैं।

देवकी नंदन की मृत्यु के तुरंत बाद गोपाल दास पीएम बनने के लिए समर्थन जुटाना शुरू करता हैं, लेकिन बहुत चालाकी से समर उन्हें दौड़ से बाहर कर देता है। एक अज्ञात कॉलर अनुराधा को फोन कर देवकी नंदन की हुयी हत्या के बारे में बताता है। सबूत देने के लिए, वह अनुराधा से १०० करोड़ रूपये मागता है, और इसकी पुष्टि करने के लिए वह १ करोड़ रूपये लेकर देवकी नंदन को दिए गए जहर का नाम बताता है। इसके मदद से अनुराधा समर को ब्लैकमेल कर खुद को पीएम के रूप में नामांकित करने के लिए कहती है और पीएम बनती है। समर के वफादार समर्थकों को तोड़ने के लिए, अनुराधा उन्हें मजबूत मंत्रालय आवंटित करती है। इसके साथ साथ मैथिली अज्ञात कॉलर से समर के खिलाफ और अधिक मजबूत सबूत प्राप्त करने की कोशिश करती है, और गुरपाल अनुराधा को कहा से सबूत मिले यह पता करने में लगा होता है। अंतत: गुरपाल, मैथिली को अपने जल में फंसा लेता है और वह उसे बताती है की अनुराधा के पास समर के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। वह मैथिली को ब्लैकमेल कर उससे पूरी बात पता कर लेता है। इसके बाद वो अनुराधा को छोड़कर चली जाती है। अंत में, समर अनुराधा को तबीयत का कारण बताकर इस्तीफा देने के लिए कहता है और खुद पीएम बन जाता है।

दूसरा ट्रैक VNU चुनाव के इर्द-गिर्द घूमता है। यह कहानी किसानों के विरोध प्रदर्शन से शुरू होती है। इमरान, VNU का एक छात्र अपने दो दोस्तों के साथ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहा होता है। गुरपाल विरोध प्रदर्शन वाले स्थल पर आता है और पुलिस को इमरान और उसके दो दोस्तों को मारने के लिए कहता है। पुलिस फर्जी मुठभेड़ में इमरान के दोस्तों को मारती है और उसे VNU से गिरफ्तार करती है। VNU छात्रों के साथ शिवा इमरान को मुक्त कराने के लिए पुलिस स्टेशन जाता है और वहां विरोध प्रदर्शन करता है। पुलिस इमरान को रिहा करने से इंकार करती है और छात्रों पर लाठीचार्ज करती है। जब शिवा और सना अपने पत्रकार मित्र से मदद मांगते हैं, तो इसकी न्यूज करने के लिए वह उनसे ठोस सबूत मांगती है। शिवा पुलिस के फर्जी मुठभेड़ का एक वैसा ही नकली वीडियो शूट कर सोशल मीडिया पर डालता है। इस वीडियो की वजहसे शिवा रातोंरात हीरो बन जाता है। इससे प्रभावित हो समर उसे राजा बना खुद किंगमेकर बनने की योजना बनाता है।

शिवा की लोकप्रियता के बाद, उसके दोस्त उसे VNU चुनाव लड़ने के लिए मना लेते है । समर, शिवा से मिलता है और उसे राजनीति में आने के लिए प्रेरित करता है। शिवा को अपनी पार्टी में शामिल करने लिए, समर SAI के उम्मीदवारों पर बांटो और राज करो की रणनीति का उपयोग करता है। शिवा को फंसाने के लिए, समर, गुरपाल को विशाल का अपहरण कर हत्या करने के लिए कहता है। गुरपाल, जिगर और सना का उपयोग कर विशाल के हत्या का आरोप VNU अध्यक्ष पद के प्रत्याशी चेतन पर लगाते है। इस बात से शिवा और चेतन के बीच लढाई होती है और वो दोनों अलग हो जाते है। चेतन को इन आरोपों के लिए गिरफ्तार किया जाता है और उसे जेल में मार दिया जाता है। सना, विशाल के मौत के रहस्य के बारे में चेतन और शिवा को बताने की कोशिश करती है लेकिन गुरपाल और जिगर उसे ब्लैकमेल कर चुप कराते हैं। अंत में जब वह अदा के साथ इस सब से भागने की कोशिश करती है, तो मारी जाती है।

इन सभी राजनीतिक दांव पेचो के खेल के बाद, समर के साथ हाथ मिलाने के बजाय, शिवा VNU चुनाव लड़ने के लिए खुदकी अलग पार्टी “TANDAVA” बनाता हैं।

शिवा VNU चुनाव जीत जाता है और समर PM बन जाता है इसके साथ वेब श्रृंखला समाप्त होती है।

अदा की कहानी का मुख्य कहानी पर कोई बड़ा प्रभाव या लिंक नहीं है। कहानी यथार्थवाद और वास्तविकता से बहुत दूर है और पीएम बनने के लिए ब्लैकमेलिंग, हत्याये यहाँ तक की पीएम की भी हत्या दिखाना अतिशयोक्ति है। पीएम का शराब पीना, VNU चुनाव में हत्या करना, ब्लैकमेल करना, सबूतों की साजिश करना, व्यवस्था और पुलिस का इस्तेमाल करना सामान्य, आकस्मिक और दैनिक आदत के रूप में दिखाया गया है।

कहानी का प्लॉट बहुत कमजोर है। कहानी में कुछ भी नया नहीं है और संवाद माचो, बेचो शब्दों से भरे है। वेब सीरीज़ की कहानी में राजनीति, किसान आंदोलन, छात्रों का विरोध, कम्युनिस्ट / वाम सोच, “आज़ादी” के नारे, “हिंदू” भावनाओं को आहत करने वाले संवाद, हिंदू देवताओं का अपमान, विश्वविद्यालय राजनीति, जातिवाद, अल्पसंख्यक धर्म के मुद्दे, विवाहेतर संबंध, आदि मौजूदा सभी गर्म मुद्दों का “मसाला” भुनाने की कोशिश कियी गयी है।

दूसरे सीज़न के प्लॉट के लिए कहानी में कई खुले छोर है। शानदार अभिनय विशेष रूप से सुनील ग्रोवर को छोड़कर वेब श्रृंखला में देखने जैसा कुछ भी नहीं है। तो वेब श्रृंखला न देखकर खुदका समय बचाकर चिड़चिड़ाहट से दूर रह सकते है।

Published by Chetan Nikam

Father of Cute, Sweet, Lovely Daughter who makes me to forgot all my worries, trouble and tension by single word "BABA". Engineer by profession

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